Raj Kapoor Films The Greatest Showman Best Film Maker in Indian

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Raj Kapoor Films The Greatest Showman Best Film Maker in Indian   

Raj Kapoor Films The Greatest Showman Best Film Maker in Indian History

भारत के शो मैन अगर इनको आप कहे कि भारत के प्रथम और फिल्म मेकिंग दुनिया की King तो कम नहीं होगा फिल्म की जानकारी ही नहीं थी उन दिनों यह फिल्म बनाया करते थे और कहा जाता है अपनी फिल्म की रील अपने कंधे में लेकर सिनेमा हॉल तक पहुंचाते हैं |

क्यों नहीं ऐसा होता क्योंकि इनके पिताजी जिनका नाम पृथ्वीराज कपूर जिन्होंने उस जमाने में भी फिल्म मेकिंग और अभिनय का डंका बजाया जिनका नाम रणधीर राज कपूर है जिन्हें हम सिर्फ राज कपूर के नाम से जानते हैं इनका जन्म 14 दिसंबर 1942 में हुआ था धक्के मुनव्वर शाह पेशावर जो आज पाकिस्तान में है |

राज कपूर के शुरुआती दिन

राज कपूर के पिताजी पृथ्वीराज कपूर जिनके अभिनय की कोई तुलना नहीं किया जा सकता शुरुआती दिनों में वह अलग-अलग थिएटर ज्वाइन किया करते थे |

और राज कपूर उनके साथ जाया करते थे कभी मुंबई कभी कोलकाता और राज कपूर की पृथ्वी के  थिएटर के साथ जुड़ गए किस्सा बहुत ही मशहूर है | जब उनके पिता और उनके परिवार कोलकाता में रहा करते थे

1 दिन बड़ी जोर की बारिश हुई राज कपूर ने अपने मां को कहा कि मैं आज स्कूल कार में बैठ कर जाऊंगा मां जाकर उनके पिताजी से कहने लगी क्या राज आज कार में बैठकर स्कूल जा सकता है उनका मानना था बच्चों को बचपन में ही ऐसो आराम नहीं देना चाहिए जिससे उनकी आदत बिगड़ जाती है और वह आलसी हो जाते हैं |

पृथ्वीराज कपूर ने कहा बहुत सारे लोग इतनी ही बारिश में ट्राम पकड़ कर अपने काम में जा रहे होंगे बस इतना सुनने के बाद राज कपूर अपने बैग लिए और पैदल घर से निकल पड़े मां आवाज लगाती रही लेकिन पृथ्वीराज कपूर ने उन्हें रोक दिया कहा उसे जाने दो राज कपूर के जाने के बाद उनके पिता ने कहा कि देखना एक दिन यह बच्चा इतने गाड़ियों का मालिक बनेगा कि दुनिया देखती रह जाए जरा इसकी खुद्दारी को ललकारा गया है|

राज कपूर फिल्म केरियर

मात्र 10 साल की उम्र में राज कपूर पहली बार फिल्म में नजर आए थे फिल्म का नाम था 1935 में बनी थी इंकलाब जब भी मौका मिला छोटी बड़ी फिल्मों में यह काम करते रहे और फिर इन्हें केदार शर्मा जी का साथ मिला  जो एक फिल्म डायरेक्टर थे इस फिल्म में बतौर कैरेक्टर मैन राज कपूर को लिया गया लेकिन इस फिल्म की शूटिंग चालू हुई भी शॉट लिया जाता तो राज कपूर अपने बाल बनाने में लगे रहते | कई मर्तबा इन की शूटिंग में ध्यान भटकने की वजह से डायरेक्टर ने गुस्सा होकर एक थप्पड़ लगा दी बाद में वह बहुत दुखी हुए ||

सही समय आई 1945 की फिल्म नील कमल जो बेहद सफल रहीइस फिल्म में राज कपूर के साथ मधुबाला और 1948 आते-आते राज कपूर 24 बरस के हो गए थे इसके बाद उन्होंने मन बनाया यह खुद ही पिक्चर को प्रोड्यूस करेंगे इनके माता-पिता खूब समझाते रहे लेकिन यह नहीं माने और इन्होंने बहुत सारे लोगों से उधार लिया और पैसा इकट्ठा करके फिल्म बनाई फिल्म का नाम था |


आग जो चली नहीं लेकिन फिल्म देखकर लोग समझ गए राज कपूर अपने काम जानते हैं और बहुत सारे लोगों ने राज कपूर को कहा कि आप ने फिल्म बनाई है तो एक थिएटर भी बना दीजिए राज कपूर बतौर एक्टर काम कर रहे थे और डायरेक्टर भी जल्दी इन्होंने अपना बैनर बना लिया जिसका नाम था आरके बैनर और एक फिल्म बनाई जिसका नाम था बारिश |


जिसे बाद में आरके फिल्म्स का बैनर बना दिया गया इसके बाद राज कपूर ने कभी पलटकर नहीं देखा लेकिन एक बहुत बड़ी फिल्म बनाई जो उस समय की बड़ी बजट में बनाई गई थी फिल्म का नाम था मेरा नाम जोकर यह फिल्म उतनी चली नहीं उस समय के लोगों को यह फिल्म समझ में आई नहीं जिसके राज कपूर को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा यहां तक कि उनकी कुछ प्रॉपर्टी ही नीलाम करनी पड़ी लेकिन राज कपूर पीछे हटने वाले में से नहीं थे इसके तुरंत बाद उन्होंने फिल्म बॉबी बनाई जो सुपरहिट थी |


भारत के इतिहास में इस फिल्म को एक मॉडल फिल्म की तरह लिया जाता है लोगों ने फिल्म के गाने को बहुत पसंद किया और सुपर हिट रही मेरा नाम जोकर में राज कपूर को जितना नुकसान हुआ उससे कई गुना ज्यादा फायदा हुआ | 

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